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धनंजय सिंह के खिलाफ रंगदारी की चार्जशीट कोर्ट में दाखिल

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 Anju Pathak and Avdhesh Mishra
जौनपुर
 पूर्व सांसद धनंजय सिंह व उनके सहयोगी विक्रम के ख़िलाफ़ नमामि गंगे के प्रोजेक्ट मैनेजर अभिनव सिंघल के अपहरण व रंगदारी के मामले में पुलिस ने विवेचना कर अपराध पाते हुए आरोप पत्र सीजेएम के न्यायालय में दाखिल कर दिया। धनंजय व उनके समर्थकों को उम्मीद थी कि वादी के घटना से मुकरने के बयान के बाद उनको क्लीन चिट मिल जाएगी और कोर्ट में फाइनल रिपोर्ट दाखिल होगी लेकिन उम्मीदों पर पानी फिर गया।

1 माह पूर्व वादी मजिस्ट्रेट को दिए बयान में अपहरण व रंगदारी की बात से मुकर गया था।उसी बयान के आधार पर धनंजय के सहयोगी विक्रम को जमानत भी मिल गई। जमानत मिलने के बाद भी यदि हाईकोर्ट में लंबित धनंजय के प्रार्थना पत्र को नॉट प्रेस करके सेकंड बेल एप्लीकेशन यहीं पर सेशन कोर्ट में दाखिल की गई होती तो वादी के बयान के आधार पर धनंजय को भी जमानत मिल सकती थी लेकिन ऐसा नहीं किया जा सका और अब किया भी नहीं जा सकता क्योंकि विवेचक ने साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल कर दिया है।फिलहाल हाईकोर्ट में धनंजय सिंह की जमानत याचिका पर 7 अगस्त को सुनवाई के लिए तिथि नियत की गई है। अभिनव ने लाइन बाजार थाने में प्राथमिकी दर्ज कराया था कि 10 मई 2020 को विक्रम और उसके सहयोगियों द्वारा उसका अपहरण करके धनंजय के आवास पर ले जाया गया। जहां धनंजय ने पिस्टल निकाल कर धमकाया।रंगदारी मांगा।आरोपियों ने जबरन गिट्टी बालू की आपूर्ति के लिए दबाव डालते हुए धमकी दिया।वादी की एफआइआर पर आरोपी गिरफ्तार हुए।जेल गए।बाद में वादी एफआइआर में कही गई बातों से मजिस्ट्रेट के समक्ष दिए गए बयान में मुकर गया और कहा कि धनंजय व विक्रम ने न तो अपहरण कराया न रंगदारी मांगी।वादी के घटना से मुकरने का फायदा विक्रम को तो मिल गया लेकिन धनंजय चूक गए। सूत्रों की माने तो पहले विवेचक ने फाइनल रिपोर्ट टी ओ ऑफिस दाखिल भी कर थी बाद में पुलिस के उच्च अधिकारी के आदेश से पुनः विवेचना हुई और इस बार चार शीट दाखिल हुए।

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