जातिवार जनगणना से पिछड़ों, दलितों, वैश्यों, अल्पसंख्यकों, आदिवासियों की सही तस्वीर आएगी आरक्षण के काम -ध्रुवचंद - Ideal India News

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जातिवार जनगणना से पिछड़ों, दलितों, वैश्यों, अल्पसंख्यकों, आदिवासियों की सही तस्वीर आएगी आरक्षण के काम -ध्रुवचंद

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DrUS Bhagat

आज की विषम परिस्थितियों के कारण जातिवार जनगणना कराने की नितांत आवश्यक हो गई है। सन् 1931मे जाति जनगणना कराई गई थी समय-समय पर जाति जनगणना कराने की मांग होती रही किंतु केन्द्र की सरकारों ने मांग को अनसुना कर दिया। जातिय आधार पर आरक्षण की व्यवस्था जिसके लिए की गई थी आज उसी को आरक्षण से वंचित किया जा रहा है। देश-भर मे लगभग 3%जिसकी आबादी है और 97% लोंगों को अपने उंगलियों के सहारे कठपुतलियों की तरह नचाते हैं।60%से लेकर 90% तक महत्वपूर्ण विभागों जैसे-शिक्षण संस्थानों कार्यपालिकाओं एवं न्यायपालिका में एकाधिकार कायम कर रक्खा है। तथा केंद्र से लेकर राज्य सरकारों तक सत्ता में काबिज है जिस-जिस राज्यों में इसका बस नहीं चलता है वहां वहां की सरकारों को अस्थिर करने में कोशिश करते रहते है और कामयाब भी हो जाते है। कारण महत्त्वपूर्ण संस्थाओं पर कब्जा जमायें बैठे हैं। उत्तर प्रदेश में एक मंत्री जी अपने विभाग में 55% से अधिक संख्या मे नियुक्तियां अपने समाज के लोगों का कर दिया है फिर भी योगी जी की सरकार में इनके समाज का शोषण हो रहा से हैं इनके समाज के पदाधिकारियों का कहना है।
 समय आने पर एक-एक महत्वपूर्ण विभागों का ब्यौरा लिखित रूप से प्रस्तुत किया जाएगा।इन पर अंकुश लगाने का बस एक ही रास्ता बचा है कि जातीय जनगणना कराई जाय, उसी संख्या बल के अनुसार आरक्षण की व्यवस्था की जाए। माननीय प्रधानमंत्री श्री मोदी जी का नारा है *सबका साथ,सबका विकास,सबका विश्वास* *साकार, सार्थक हो जायेगा।*
 उक्त ब्यान जारी करते हुए अखिल भारतीय जायसवाल सर्ववर्गीय महासभा की इकाई उत्तर प्रदेश अध्यक्ष ध्रुवचंद जायसवाल ने दी है।
 जायसवाल ने कहा कि उत्तर प्रदेश के विधान परिषद में 26 फरवरी 2020 को प्रश्नकाल शुरू होते ही नेता प्रतिपक्ष श्री रामगोविंद चौधरी ने जातिवार जनगणना का मुख्य मुद्दा उठाया सत्ता पक्ष से नोकझोंक हुई सपाइयों ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार जातिवार वर्ग जनगणना न कराकर गरीब, शोषित व पिछड़े वर्ग के लोगों को जानबूझकर अंधेरे में रखने का प्रयास कर रही है।
 पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री जी ने जवाब में कहा कि अखबार में छपने के लिए यह मुद्दा उठाया जा रहा है। एक मंत्री ने अपने विभाग में अपने समाज के लोगों की नियुक्तियां की पिछड़ों की संख्या नग्ण है किंतु पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री ने अभी तक सदन मे यह प्रश्न नहीं पूछा कि पिछड़ों की संख्या क्यों नग्ण है उन्हे यह सवाल जरूर पूछना चाहिए कर्मों कि पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री हैं, पिछड़ा वर्ग समाज को आपसे उम्मीद है।
 श्री अहमद हसन ने जातिवार जनगणना के पक्ष में सदन में हाथ उठवांऐ तो बसपा सदस्य भी हाथ उठाकर जातिवार जनगणना का समर्थन किया।
 *नेता सदन डॉ दिनेश शर्मा ने जी ने पीठ से अनुरोध किया कि पूर्व में दी गई व्यवस्था वापस ले लें पीठ ने व्यवस्था वापस ले ली।* इसके बाद सपा सदस्यों ने सदन से वाकआउट कर दिया।
 अखिल भारतीय जायसवाल सर्ववर्गीय महासभा की इकाई उत्तर प्रदेश अध्यक्ष ध्रुवचंद जायसवाल ने उत्तर प्रदेश सरकार से अनुरोध किया है कि बिहार सरकार की तर्ज पर उत्तर प्रदेश सरकार भी दोनों सदन में जातिवार जनगणना कराने के लिए प्रस्ताव रखकर सर्वसम्मत से प्रस्ताव पास कराकर केंद्र सरकार को भेजने की कृपा करें। तभी केंद्र सरकार जातिवार जनगणना करायेगी।
 जायसवाल ने कहा कि आरक्षण के मुद्दे पर देश में माननीय सांसद भी लोकसभा में, माननीय विधायक भी विधानसभा में भी व्यापक पैमाने पर चर्चा हो रही है माननीय सांसदों ने आरक्षण पर पहल बड़े पैमाने पर कर रहे हैं। यहां तक कि न्यायालय में भी मामला उठने लगा है प्रदेश की सरकारें अपने अपने स्तर से भी आरक्षण को लागू करने व संविधान के लागू होने के दायरे पर भी सवाल उठने लगे हैं देश में सभी वर्ग के लोग भी आरक्षण की मांग करने लगे हैं सबको अपने समाज के उत्थान एवं विकास के लिए आरक्षण चाहिए। जिससे समाज में भाईचारा एवं समतामूलक समाज देश हीत में नितान्त आवश्यकता है।
 *जिसकी जितनी संख्या वारी।उसकी उतनी हिस्सेदारी।। केंद्र सरकार संसद में बील पास कराकर लागू करने की कृपा करें,*
 केंद्र सरकार ने बहुत से कानून में परिवर्तन किया है इसमें भी परिवर्तन करके जनसंख्या के अनुसार सभी वर्ग के लोगों को आरक्षण की सुविधा उपलब्ध करायें।


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