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पूर्व सांसद मधुसूदन मिस्त्री बोर्ड लगाने के मामले में बरी

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Suchit Kumar Tiwari
अहमदाबाद
 कांग्रेस के पूर्व सांसद मधुसूदन मिस्त्री व अन्य कांग्रेस नेता वह कार्यकर्ताओं वडोदरा में किओस्क व बोर्ड लगाने के मामले में स्थानीय अदालत ने बरी कर दिया है। लोकसभा के लिए 2014 में हुए चुनाव में मधुसूदन मिस्त्री भाजपा की ओर से प्रधानमंत्री पद के दावेदार नरेंद्र मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ा था। चुनाव आयोग के आचार संहिता के अनुसार, उम्मीदवारों को प्रचार का बराबर अधिकार दिए जाने के नियमों के तहत मिस्त्री ने वडोदरा महानगर पालिका पर उन्हें बाजार में मुख्य सड़कों पर प्रचार सामग्री नहीं लगाने देने का आरोप लगाया था। मिस्त्री उनके साथ कांग्रेस नेता नरेंद्र रावत, हरीश वाघेला, रमेश ठाकुर, भीखाभाई रबारी आदि नेताओं ने वडोदरा के डांडिया बाजार में स्थित बिजली के खंभों पर अपनी प्रचार सामग्री लगा दी थी।
इस मामले में वडोदरा महानगर पालिका की ओर से मिस्त्री समेत 20 नेताओं पर मुकदमा दर्ज कराया गया था। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के एच मखीजा ने मिस्त्री के वकील प्रवीण ठक्कर की दलीलों को माननीय रखते हुए इस मामले में मिस्त्री समेत 20 आरोपियों को बरी कर दिया। ठक्कर ने बताया कि पुलिस ने जांच के लिए राज्यसभा के अध्यक्ष से मंजूरी नहीं ली थी। मिस्त्री के वकील की यह भी दलील थी कि जिन किओस्क वह बोर्ड पर प्रचार सामग्री लगाई गई वह सरकारी नहीं कंपनी के द्वारा ठेके पर ली हुई जगह थी। मिस्त्री उस दौरान राज्यसभा के सदस्य थे।
सरकारी वकील ने इस मामले में कुछ अदालत में अपील करने के लिए फैसले पर रोक की मांग की इसे स्वीकारते हुए अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने पांच सितंबर, 2020 तक अपने ही फैसले को स्थगित रखा है। वडोदरा से भाजपा नरेंद्र मेादी ने साढ़े पांच लाख वोटों से भी ज्यादा अंतर से जीत दर्ज की थी। उन्होंने कांग्रेस के मधुसूदन मिस्त्री के 275336 वोट्स के कम्पैरिजन में टोटल 8,45464 वोट हासिल किए। यहां बीजेपी के प्राइम मिनिस्टेरियल कैंडिडेट नरेंद्र मोदी और यूपी कांग्रेस के प्रभारी मधुसूदन मिस्त्री के बीच सीधा मुकाबला था।

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