नखास गली में प्रवेश वर्जित : अब पछताये होत क्या जब चिड़ियाँ चुग गई खेत - Ideal India News

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नखास गली में प्रवेश वर्जित : अब पछताये होत क्या जब चिड़ियाँ चुग गई खेत

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 Anju Pathak and Avdhesh Mishra
नगर पालिका प्रशासन ने किया काबिले तारीफ काम
कोरोना मरीज मिलने के 10 दिन बाद सील की गयी मोहल्ले की गली
कोरोना को हराकर घर भी वापस आ गया मरीज

जौनपुर
अब पछताये होत क्या जब चिड़ियाँ चुग गई खेत... जी हां यह मुहावरा नगर के मोहल्ला नखास समेत ऐसे उन इलाकों पर बिल्कुल सटीक बैठता है जहां पर नगर पालिका, नगर पंचायत प्रशासन काफी देर बाद कुंभकर्णीय निद्रा से जागा हो। हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं क्योंकि नगर के मोहल्ला नखास में 29 जुलाई को एक कोरोना पॉजिटिव मिला था उसके बाद 8 अगस्त को मोहल्ले की वह गली सील कर दी गयी। 10 दिन बाद नगर पालिका जौनपुर प्रशासन द्वारा किये गये इस कार्य की जितनी भी प्रशंसा की जाय वह कम है। कम से 10 दिन बाद ही सही नगर पालिका प्रशासन ने कोरोना को फैलने से बचा लिया। ख़ैर जब तक प्रशासन जागा तब तक वह व्यक्ति भी कोरोना को हराकर घर वापस गया।

कोरोना को हराने के लिए जिला प्रशासन लाख प्रयास कर रहा है लेकिन कहीं न कहीं कुछ ऐसे लोग है जो सब किये कराये पर पानी फेर दे रहे हैं। 29 जुलाई को रिपोर्ट आयी थी कि मोहल्ला नखास समेत कई इलाकों में कोरोना पॉजिटिव केस मिले हैं। इसके बाद लोगों ने यह मान रखा था कि जल्द ही इलाका सील हो जाएगा। बावजूद इसके उस परिवार ने स्थानीय जमादार को बुलाकर पूरे घर व गली को सेनेटाइज कराया। तब तक नगर पालिका प्रशासन द्वारा जमादार के पास कोई सूचना नहीं आयी थी। इसके बाद शाम को एम्बुलेंस आयी और मरीज को पूर्वांचल में बने कोविड एल—1 हॉस्पिटल में लेकर गयी। इसके बाद अगले दिन सभी सदस्यों का टेस्ट कराया गया जिसमें दो और पॉजिटिव निकल गये। फिर एम्बुलेंस के जरिए उन्हें कोविड एल—1 हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। एक बार फिर पूरे घर व गली को दो—दो बार सेनेटाइज कराया गया। इसके बाद मोहल्ले में और डर का माहौल हो गया। लोगों ने सोचा कि अब तो जल्द ही मोहल्ला सील होगा लेकिन एक दो दिन नहीं बल्कि धीरे—धीरे करके पूरे 10 दिन बीत गये लेकिन मोहल्ला सील नहीं हुआ। शनिवार को नगर पालिका प्रशासन की गहरी नींद टूटी और जमादार के पास सूचना आयी कि मोहल्ले में कोरोना का मामला सामने आया है ऐसे में वहां पर सेनेटाइज कराने के साथ ही उस गली को सील कर दिया गया। अधिकारियों के आदेश के बाद जमादार ने सफाईकर्मियों को भेजकर पूरे गली में दवा, चूना आदि का छिड़काव कराया और रस्सी लगाकर गली को सील कर दिया। गली में रहने वाले लोग अब यह कह रहे हैं जब करना चाहिए तब किया ही नहीं अब सील करके क्या करेंगे? एक मरीज तो ठीक होकर घर भी आ गया बाकी दोनों भी दो तीन दिन में घर आ ही जाएंगे। पूरे 10 दिन बाद गली को सील करने से क्या लाभ? खैर नगर पालिका प्रशासन ने बहुत ही सराहनीय कार्य किया। कम से कम 10 दिन बाद ही सही कोरोना की रोकथाम के लिए ऐतिहासिक कदम उठाया। इसकी पूरे मोहल्ले में खूब चर्चा है।

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