जिले में शांतिपूर्ण ढंग से मनाया गया बकरीद का त्यौहार, कोरोना प्रोटोकॉल नियमों का हुआ पालन* - Ideal India News

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जिले में शांतिपूर्ण ढंग से मनाया गया बकरीद का त्यौहार, कोरोना प्रोटोकॉल नियमों का हुआ पालन*

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शरद कपूर, काजिम हुसैन सीतापुर
*जिले में शांतिपूर्ण ढंग से मनाया गया बकरीद का त्यौहार, कोरोना प्रोटोकॉल नियमों का हुआ पालन*

*विद्धान मौलानाऔ ने दिया शांति का संदेश, जिला प्रशासन ने ली राहत की सांस*


फुरकान मियां



शुऐब मियां, सज्जादानशीन बडे़ मखदूम साहब दरगाह

सीतापुर ।  शरद कपूर
आज बक़रीद के दिन पूरे जनपद में पूरी श्रद्धा और उल्लास के साथ लॉक डाउन और सोशल डिस्टेंसिग को क़ायम रखते हुए ईद उल अज़हा बक़रीद का त्योहार मुस्लिम समुदाय ने मनाया शासन द्वारा जारी गाइड लाइन के अनुसार लोगों ने अपने घरों में और 4 से 5 आदमियो के मध्य मस्जिदो में नमाज़ पढ़ी जबकि कुछ मस्जिदों में लोग अधिक पहुंच गए थे जिसमे मस्जिद के इमाम ने अन्य लोगों को वापस कर दिया केवल 5 लोगों ने ही नमाज़ अदा की,कहीं से भी किसी अप्रिय घटना का कोई समाचार नही प्राप्त हुआ शांति पूर्ण ढंग से त्यौहार मनाया गया इस अवसर पर लोगों ने अपने घरों में नमाज़ पढ़ने के अलावा कुर्बानी भी अपने घरों में ही किया।
दरगाह बड़े मखदूम साहब की मस्जिद के पेश इमाम नजमुल हसन उस्मानी उर्फ शोएब मियां ने कहा कि मजहबे इस्लाम मे दो बातें बताई गई हैं एक सब्र दूसरी शुक्र यानी हमारा काम हो गया तो अल्लाह का शुक्र अदा करें और अगर किसी कारण से न हो तो हमे  अल्लाह के फैसले पर सब्र करना चाहिए जैसे आज हमें केवल 5 आदमियों को ही मस्जिद में नमाज़ पढ़ने की इजाज़त मिली तो जो पढ़ रहे हैं उन्हें शुक्र अदा करना चाहिए और जो नही पढ़ने आ सके उन्हें सब्र करना चाहिए और जिस दिन हम इन दोनों बातों  पर सच्चे दिल से भरोसा करने लगेंगे तो विश्वास कीजिये कि उसी दिन से हमारे जीवन से दुःख परेशानी चिंता सब अपने आप समाप्त हो जाएंगी।
इसी क्रम में दरगाह हाफ़िज़िया अस्लमिया की मस्जिद के पेश इमाम हाजी सैय्यद फुरक़ान वहीद हाशमी उर्फ फुरक़ान मियां ने इस अवसर पर जारी संदेश में कहा कि
इस्लामी साल का आरम्भ भी कुर्बानी से होता है और इसका समापन भी कुर्बानी के साथ होता है क्योंकि इस्लामी माह का आरम्भ मोहर्रम के महीने से होता है जिसमे बुराई के सामने न झुकने पर नवासे रसूल हज़रत इमाम हुसैन को शहीद कर दिया गया था और अन्तिम माह बक़रीद का है इसमें भी अल्लाह ने अपने पैग़म्बर हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम की परीक्षा लेते हुए अपने इकलौते बेटे हज़रत इस्माईल अलैहिस्सलाम की कुर्बानी मांग ली और उस परीक्षा में सैय्यदना इब्राहीम अलैहिस्सलाम पास भी हो गए थे उन्ही की सुन्नत को अदा करने के लिए हम प्रत्येक वर्ष  इस्लामी माह ज़िल्हिज्जा की 10 को कुर्बानी करते हैं क्योंकि जीवन मे कामियाबी इंसान को परीक्षा के बाद ही मिलती है जैसे कि हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम को मिली आज भी वही वक़्त है कि कहीं कोरोना है तो कहीं दीगर महामारी चल रही है ये भी हमारी परीक्षा की घड़ी है हमे हुकूमत अर्थात शासन प्रशासन की मंशा के अनुसार कार्य करना चाहिए अन्यथा हम दोषी कहे जाएंगे इस लिए लॉक डाउन का पालन करे  कुर्बानी घर के अन्दर करे  बिना कारण घर से न निकले।इसके बाद दोनों इमामों ने लोगों को ईद उल अज़हा की मुबारकबाद दी,मुबारकबाद देने वाले अन्य लोगो  मे मौलाना मुफ़्ती आफताब आलम नदवी खैराबादी, मुफ़्ती बहाउद्दीन कासमी, मुफ़्ती इलियास कासमी, पालिका अध्यक्ष हाजी जलीस अंसारी, पूर्व अध्यक्ष हाजी हनीफ अंसारी,अतीक अंसारी, सज्जादानशीन सैय्यद मदनी मियां,सैय्यद तरीक़ अहमद किरमानी, एजाज़ अहमद खान एडवोकेट,मौलाना बब्बन मियां इमाम ईदगाह,मदरसा अल्लामा फजले हक़ खैराबादी मेमोरियल डिग्री कॉलेज खैराबाद के संस्थापक काज़िम हुसैन ,थाना अध्यक्ष खैरबाद अजय यादव, टीटू खान, राकेश त्रिपाठी,निरंकार गुप्ता, सादी फारूकी, सलमी मियां, फरजान मियां एडवोकेट,सैय्यद फरीद बिलग्रामी आदि।
         जनपद के महमूदाबाद, बिसबाँ, सिधौली, तंबौर, लहरपुर, मछरेहटा, मिश्रिख नैमिषारण्य, महोली, पिसांवा, कुतुबनगर, रामकोट, इमलिया सुल्तानपुर, परसेंडी, तालगांव, जलालपुर, कमलापुर आदि कस्बों व ग्रामीण क्षेत्रों में बकरीद का त्यौहार शांति पूर्वक ढंग से कोरोना प्रोटोकॉल नियमों के अन्तर्गत मनाया गया |

*शरद कपूर*
. *सीतापुर*

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