सुहागिनों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है हरियाली तीज का त्यौहार - Ideal India News

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सुहागिनों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है हरियाली तीज का त्यौहार

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Archana Medewar aurangabad




भगवान शिव के प्रिय महीने सावन में कई त्यौहार मनाए जाते हैं. इनमे से एक त्यौहार है हरियाली तीज. ये त्यौहार पति की लम्बी उम्र के लिए सुहागिन महिलाएं व्रत करके मनाती हैं. इसकी पर्व की महत्ता करवा चौथ की तरह ही है. इसे लोग श्रावणी तीज के नाम से भी जानते हैं.
इस महीने में लड़कियों और महिलाओं के व्रत और त्यौहार आते हैं. सुहागनों के बीच हरियाली तीज का अपना ही महत्व है राजस्थान, बिहार और उत्तर भारत के कई हिस्सों में इस त्यौहार को बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है.
दरअसल साल में कुल चार तीज मनाई जाती हैं, जिनमें हरियाली तीज का विशेष महत्व है इस बार यह त्योहार 23 जुलाई को मनाया जाएगा. हरियाली तीज सावन महीने की शुक्ल प7 की तृतीया को मनाई जाती है यह श्रृंगार और उल्लास का पावन पर्व है तीज के दिन भगवान शिव और माता पार्वती की शादी की जाती है.
इस दिन सुहागिनें अपने पति की लंबी आयु के लिए व्रत करती हैं वहीं कई जगहों पर कुवांरी लड़कियां अच्छे पति की इच्छा में इस व्रत को करती हैं. मान्यता है कि इस व्रत को करने से विवाहित स्त्रियों के पति की उम्र लंबी होती है और अविवाहित लड़कियों को मनचाहा जीवन साथी मिलता है.
इस दिन सुहागिन महिलाएं दिन भर भर व्रत रकती हैं. इस दिन महिलाएं सोलब श्रंगार करती हैं और मेहंदी लगाने के साथ ही हरे रंग के कपड़े और चूडियां पहनते हैं. स्त्रियां तीज के गाने गाते हैं और चान गाना गाती हैं. महिलाएं इस दिन झूला भी झूलती हैं. इसके बाद शाम के वक्त में भगवान शिव और माता पार्वती के पूजन के बाद चंद्रमा की पूजा की जाती है. इस दिन महिलाओं के घर के बड़े-बुजुर्ग या सास-ससुर श्रृंगार दान देते हैं



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