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कोरोना संकट के बीच मुंबई में नई बीमारी ने दी दस्तक, बच्चे बन रहे शिकार

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Rajan Singh, Pramod Tiwari
कोरोना संकट के बीच मुंबई में नई बीमारी ने दी दस्तक, बच्चे बन रहे शिकार  : PMIS यानि कि Paediatric Multisystem Inflammatory Syndrome


देश में कोरोना वायरस से महाराष्ट्र सबसे ज्यादा प्रभावित है। महाराष्ट्र में कोरोना मरीजों की संख्या 3,27,031 है। वहीं कोरोना संकट के बीच मुंबई में नई मुसीबत ने दस्तक दे दी है। दरअसल यहां बच्चों में एक अलग ही तरह की बीमारी देखने को मिलने रही है। मुंबई के वाडिया अस्पताल में अब तक कोरोना पॉजिटिव के करीब 100 बच्चों को भर्ती किया गया है, इनमें से 18 बच्चे PMIS यानि कि Paediatric Multisystem Inflammatory Syndrome के शिकार हैं।



क्या है PMIS
डॉक्टरों के मुताबिक देखने में PMIS के लक्षण सामान्य लगते हैं-जैसे बुखार आना, स्किन में रैशे, आंखों में जलन, पेट संबंधी बीमारियां आदि। PMIS के लक्षण 10 महीने से लेकर 15 साल तक के बच्चों में देखने को मिल रहे हैं। डॉक्टर बच्चों में आई इस नई बीमारी को लेकर काफी चिंतित हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक 18 में से 2 बच्चों की कोरोना से ठीक होने के बाद इस बीमारी से मौत हो गई। वाडिया अस्पताल ने इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) को इसकी जानकारी दी है और अन्य जगहों से भी इसका डेटा मंगाया जा रहा है जां कहीं बच्चों में ऐसे लक्षण देखने को मिले। चेन्नई, दिल्ली और जयपुर में भी ऐसे मामले रिपोर्ट हुए हैं।



600 बच्चों का हुआ टेस्ट
वाडिया अस्पताल की मेडिकल डायरेक्टर डॉ. शकुंतला प्रभु ने बताया कि मार्च से लेकर अब तक 600 बच्चों के टेस्ट हुए और इनमें से 100 कोरोना पॉजिटिव निकले। उन्होंने बताया कि 100 में से 18 बच्चों में PMIS के लक्षण देखने को मिले। उन्होंने कहा कि ये कावासाकी जैसे लक्षण हैं, पर कावासाकी छोटे बच्चों में देखने को मिलती है जबकि PMIS 10 महीने से लेकर 15 साल तक के बच्चों में देखने को मिल रहा है।



काफी बच्चे हुए रिकवर
डॉ. शकुंतला प्रभु के मुताबिक, इस बीमारी के लक्षण समय पर पहचानना जरूरी है तभी बच्चों का सही इलाज किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि कई बच्चों को समय पर इलाज मिला जिसकी वजह से वे रिकवर होकर घर गए। डॉ. शकुंतला ने बताया कि जिन बच्चों की मौत हुई वो काफी गंभीर हालत में अस्पताल पर लाए गए थे।



PMIS के लक्षण
एसआरसीसी चिल्ड्रेन हॉस्पिटल के बाल रोग विशेषज्ञ और क्रिटिकल केयर सोसाइटी के सचिव डॉ. अमीष वोरा ने PMIS के लक्षणों के बार में बताया।

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