मृत घोषित युवक ने माँ को फोन करके अपनी जान बचाने की लगाई गुहार - Ideal India News

Post Top Ad

मृत घोषित युवक ने माँ को फोन करके अपनी जान बचाने की लगाई गुहार

Share This
#IIN

*मृत घोषित करने युवक ने माँ को फोन करके अपनी जान बचाने की लगाई गुहार ?*
 डा मानिका राव


*जौनपुर।*  इसे मुंबई प्रशासन की लापरवाही कहें या कुछ और कि जिदा व्यक्ति को कोरोना से मृत बता दिया गया। यही नहीं बकायदा अधिकारियों द्वारा 13 मई को शव जलाने के बाद अभिभावकों को प्रमाणपत्र तक सौंप दिया गया। मामला मड़ियाहूं थाना क्षेत्र के सलारपुर बुजूर्गा का है।
अब चार जुलाई को बेटे ने घर पर फोन कर जान बचाने की गुहार लगाई तो परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुत्र की जान बचाने को माता-पिता पुलिस व लोगों के समक्ष दर-दर की फरियाद लगा रहे हैं। शिकायती पत्र में मां प्रभावती देवी का कहना है कि उनका पुत्र मुकेश यादव (21) रोजी-रोटी के सिलसिले में महाराष्ट्र के मुंबई स्थित नालासोपारा के वाकंपाड़ा में रहता था। गत तीन मई को जब वह बीमार हुआ तो नालासोपारा में ही बालाजी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। जहां छह मई को चिकित्सकों द्वारा कैंसर की बीमारी बताकर महाराष्ट्र के ही केएम हॉस्पिटल के लिए रेफर कर दिया गया। केएम हॉस्पिटल में 10 मई को यह कहा जाता है कि आपका पुत्र कोरोना वायरस से पीड़ित है, फिर उसे कोविड-19 वार्ड में भर्ती करा दिया गया। जहां 12 मई को मुकेश जब अपने मामा से बात कर रहा था तभी 15 मिनट बाद उसकी मोबाइल छीनकर स्वीच ऑफ कर दी गई। आधे घंटे बाद परिजनों को सूचना मिली कि उसकी कोरोना से मौत हो गई। उसका शव परिजनों को 12 मई को प्लास्टिक से बांधकर सौंप दिया गया। उसके शव को जलाने के दौरान चेहरा भी नहीं देखने दिया गया। बीती चार जुलाई को पुत्र ने अपनी पत्नी सुनीता के मोबाइल पर फोन किया। बातचीत में रो-रो कर कहा कि वह बुरी तरह से फंस गया है, उसकी जान खतरे में है। दोबारा फोन करने पर मोबाइल स्वीच ऑफ बता रहा है।

No comments:

Post a Comment

Post Bottom Ad