दुनिया की सबसे खतरनाक और खूबसूरत महिला जासूस - Ideal India News

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दुनिया की सबसे खतरनाक और खूबसूरत महिला जासूस

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दुनिया में कई जासूस हुए हैं जिन्होंने अपनी देश की सुरक्षा के लिए अपनी जान की बाजी लगा दी और इन जासूसों के दम पर उनके देश ने कई महत्वपूर्ण जानकारियां हासिल की. जासूसी का बात होती है तो आमतौर पर पुरूषों का नाम ही आगे आता है, लेकिन जासूसी की दुनिया में महिलाएं भी आगे रही हैं और वो सफल भी हुई है. इन्हीं महिला जासूसों में से एक हैं माता हारी, जिनकी जानकारियों के दम पर जर्मनी ने प्रथम विश्व युद्ध के दौरान फ्रांस के 50 हजार से अधिक सैनिकों को मारा था.
मार्गरेट गीर्तोईदा जेले का जन्म 7 अगस्त 1876 को नीदरलैंड के लीउवर्डन में हुआ था. मार्गरेट गीर्तोईदा जेले के पिता एक एक टोपी व्यापारी थे, जो बुरे निवेशों के कारण दिवालिया हो गए थे, और माता एंटजे ज़ेले, जो बीमार पड़ गईं और मार्गरेट जब 15 वर्ष की थी, तब उनका निधन हो गया था. इसके बाद मार्गरेट और उनके तीन भाई अलग हो गए और विभिन्न रिश्तेदारों के साथ रहने लगे.
मार्गरेट ने काफी कम उम्र में फैसला किया कि वो अपनी कामुकता और खूबसूरती के दम पर सफलता हासिल करेंगी. 1890 के दशक के मध्य में उन्होंने, डच ईस्ट इंडीज स्थित सैन्य कप्तान रुडोल्फ मैकलेओड के लिए एक दुल्हन की मांग वाले एक समाचार पत्र का जवाब दिया था, इसके लिए उन्होंने अपनी खुबसूरत तस्वीरें दी थी. उन्होंने 11 जुलाई, 1895 को, 21 साल की उम्र के अंतर के बावजूद, दोनों ने शादी कर ली थी.
कहा जाता है कि इस दौरान माता हारी की उम्र महज 19 साल थी. लेकिन 1900 तक आते आते दोनों की शादी टूट गई और माता हारी पेरिस आ गई, जहां आके उन्होंने नृत्य में अपना करियर बनाया. कहा जाता है कि इसी दौरान उन्होंने अपना नाम माता हारी रखा था.
माता हारी ने इस दौरान खुद को एक कामुक नृत्यांगना के रूप में पेश किया था, जो नृत्य के दौरान अपने कपड़ो को उतराने से भी नहीं हिचकिचाती थी. कहा जाता है कि एक बार वो एक उद्यान अपनी प्रमामेंश के दौरान नग्न दिखाई दीं थी और वो एक सफेद घो़ड़े पर थी. माता हारी के पेरिस में तूफान ला दिया था. माता हारी को देखने कई रईस और बड़े अधिकारी आया करते थे. इसके बाद माता हारी ने कई शहरों में भी अपने नृत्य का प्रदर्शन किया.
कहा जाता है कि माता हारी को 1916 में एक 21 वर्षीय रूसी कप्तान, व्लादिमीर डी मास्लोफ से प्यार हो गया था. इस दौरान प्रथम विश्व युद्ध छिड़ा हुआ था और मास्लोफ को मोर्चे पर भेजा गया, जहां एक घटना में वो एक आंख से अंधा हो गया. इसके बाद माता हरी ने उसका समर्थन करने के लिए पैसा कमाने के लिए दृढ़ संकल्प लिया और वो जॉर्ज लाडौक्स नामक जर्मन अधिकारी ने जब उन्हें फ्रांस के लिए जासूसी करने के लिए एक आकर्षक कार्य दिया तो उन्होंने इसे स्वीकार किया. इसके बाद वो एक के बाद एक कई बड़े अधिकारियों के सपंर्क में आई और उन्होंने कई महत्वपूर्ण जानकारियां जर्मन को दी थी.
वहीं कुछ इतिहासकारों का यह भी मानना है कि माता हारी एक डबल एजेंट थी और वो जर्मन और फ्रांस दोनों से ही पैसे लेकर एक दूसरे को जानकारियां देती थी. कहा जात है कि अपनी खूबसूरती के दम पर उन्होंने जर्मन और फ्रांस के कई बड़े सैन्य अधिकारियों से संबंध बना लिए थे और वो उनसे जानकारियां हासिल करती थी. इन जानकारियों के दम पर फ्रांस ने जर्मनी और जर्मनी ने फ्रांस के हजारों सैनिकों को मौत के घाट उतार दिया था.
मौजूद दस्तावेजों के अनुसार, जर्मन अधिकारी वॉन केले के टेलिग्राम के चलते ही माता हारी गिरफ़्तार हुईं थी, जिसे फ्रांस के अधिकारियों ने पकड़ लिया था. इसके बाद माता हारी के खिलाफ केस चला था और उन्हें मौत की सजा दी गई थी. माता हारी को गोलियों से भून दिया गया था.

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