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इस बार 47 साल बाद बन रहा है सोमवती अमावस्या और सोमवती पूर्णिमा का संयोग

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इस बार भगवान शिव का प्रिय महीना सावन सोंमवार से शुरू होकर सोमवार को ही खत्म हो रहा है. इस बार सावन में पांच सोमवार पड़ रहे हैं. सावन महीने के दो सोमवार को विशेष रूप से अमावस्या और पूर्णिमा पड़ रहे हैं. ऐसा संयोग 47 साल बाद पड़ रहा है.
ज्योतिष के मुताबिक सावन में सोमवती अमावस्या और सोमवार को पूर्णिमा का संयोग 47 साल बाद आया है. जबकि 20 साल बाद सोमवती और हरियाली अमावस्या का संयोग बन रहा है. इससे पहले 2000 में सोमवती और हरियाली अवस्या का संयोग बना था.
ज्योतिषों के अनुसार इस बार ग्रहों की स्थिति का शुभ प्रभाव कई राशियों पर देखने को मिलेगा. इसके पीछे का कारण ये है कि हरियाली अमावस्या के दिन चंद्र, बुध, गुरु, शुक्र और शनि ग्रह अपनी अपनी राशियों में रहेंगे.
ज्योतिष बताते हैं कि अमावस्या तिथि का संबंध पितरों से भी माना जाता है. पितरों में प्रधान अर्यमा को माना गया है. गीता में श्रीकृष्ण कहते हैं कि वो स्वयं पितरों में प्रधान अर्यमा है. कहा जाता है कि अगर हरियाली अमावस्या के दिन पेड़ पौधे लगाए तो पितर तृप्त होते हैं. इसलिए पेड़ लगाना भी शुभ माना जाता है.
इस बार 20 जुलाई को सोमवती हरियाली अमावस्या है. 23 जुलाई को हरियाली तीज है. वहीं 25 जुलाई को नागपंचमी है और 30 जुलाई को पवित्रा एकादशी है. सोमवती पूर्णिमा, श्रावणी उपाकर्म और रक्षाबंधन 3 अगस्त को है

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