भ्रष्टाचार का विरोध करने पर युवक को जेल - Ideal India News

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भ्रष्टाचार का विरोध करने पर युवक को जेल

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Bajarangbali Shah 
जौनपुर
जिले के खुटहन विकास खण्ड व सरायख्वाजा थाना क्षेत्र के छतौरा गांव निवासी एक युवक को ग्राम प्रधान के भ्रष्टाचार का विरोध करने तथा जांच कराये जाने से नाराज प्रधान ने साजिश रचकर पुलिस को मोटी रकम देकर धारा 307 में फंसा दिया। पुलिस रात में युवक के घर पहुंची तो वह मौजूद नहीं मिला तो उसके भाई को उठा लिया गया सवेरे वह थाने में पहुंचा तो उसपर तथा दो अन्य गांव वालों पर जबरन संगीन मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया गया। छतौरा गांव निवासी दिलीप मिश्रा अपने खेत में सब्जी आदि लगाकर जीवन यापन करता है डेढ़ महीने पहले उसे अचानक तब पता चला कि वह मनरेगा मजदूर है जब ग्राम प्रधान ने उससे दो दो हजार रूपया दो बार मशीन पर अपने घर अंगूठा लगवा कर निकलवा लिया इस बात की शिकायत उसने कलेक्ट्रेट
के कन्ट्रोल रूम में किया नायब तहसीलदार को प्रकरण की जांच मिली और वे गांव आये तथा प्रधान के घर बैठकर चाय नाश्ता कर और लिफाफा लेकर चले गये और जांच ठण्डे बस्ते में डाल दिया। इसके बाद ग्राम प्रधान द्वारा पचास लाख से अधिक के विकास कार्यो जिसमें पंचायत भवन की मरम्मत, हैण्डपंपों की मरम्मत, स्वास्थ्य केन्द्र के आंगनवाड़ी केन्द्र में सफाई तथा रंगाई तथा टाइल्स लगवाने और नाली निर्माण व सोलर लैम्प लगवाने के गवन के मामले ने जब तूल पकड़ा और शिकायत उच्चाधिकारियों तक पहुची तो प्रधान दिलीप मिश्रा पर खफा हो गये और इसके बाद प्रधान उर्गविजय सिंह के पति राघवेन्द्र सिंह ने बीते छह मई को को थाने में तहरीर दिया कि दिलीप मिश्रा, सुजीत यादव व सुनील यादव निवासी छतौरा मुम्बई से आने की सूचना देकर मेरे घर में घुस आये और कहने लगे कि सरकार ने छह छह लाख दिया है उसमें से एक एक लाख रूपया हमको दे दो नहीं तो जाने से मार देगें इसका विरोध करने पर दिलीप मिश्रा ने कहा कि प्रधान को मार दिया जाय तो काम समाप्त हो जायेगा और पेट में लात मार दिया जिससे मै मरणासन्न हो गया। इसके बाद वे लोग जाने लगे और कहे कि अगर बच गया तो फिर आकर मारेगें। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसी कोई घटना नहीं हुई महज गाली गलौच हुआ और प्रधान ने दिलीप को साजिश रचकर फंसा दिया। पुलिस ने प्रधान की तहरीर की जांच आदि नहीं की तथा न जाने कहा से प्रधान का फर्जी मेडिकल बनवाकर दिलीप सहित तीन युवकों पर धारा 307 व अन्य घाराओं में मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया। परिजनों ने उक्त आरोप लगाते हुए बताया कि पुलिस ने मोटी रकम लेकर फर्जी धारा लगाकर दिलीप को फंसाया है न तो प्रधान को चोट लगी है न तो कहीं घाव लगा है फिर भी जान से मारने की धारा लगाया गया है । जबकि दो अन्य युवक गांव में घूम रहे है लेकिन उन्हे नहीं पकड़ा गया है।

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