राम जन्मभूमि में समतलीकरण के दौरान मिले मंदिर के अवशेष, मूर्ति युक्त पाषाण के खंभे, प्राचीन कुंआ मंदिर के चौखट - Ideal India News

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राम जन्मभूमि में समतलीकरण के दौरान मिले मंदिर के अवशेष, मूर्ति युक्त पाषाण के खंभे, प्राचीन कुंआ मंदिर के चौखट

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Prashant Shukla, DrTanveer Ahd






अयोध्या, । अयोध्या धाम  मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की पावन नगरी है जहां पर श्री राम ने  जन्म लिया था।  ऐसे पवित्र अयोध्या नगरी  में  राम जन्मभूमि पर  आक्रमण करके  मस्जिद का रूप  दे दिया गया था।  जिसका विवाद एक लंबे समय से चल रहा था।  वह विवाद अब  देश की सर्वोच्च न्यायालय के आदेश से समाप्त हो गई । वहां पर मंदिर निर्माण  का रास्ता आम जनमानस के अनुरूप साफ हो जाने से  निर्माण कार्य के लिए समतलीकरण कराया जा रहा है । जिसमें  मंदिर के अवशेष  प्राचीन कुआं  खंभा आज मिले हैं  और मिल रहे हैं।
   राम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर निर्माण के लिए लॉकडाउन का पालन करते हुए राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट गर्भगृह में समतलीकरण करा रहा है। राम जन्मभूमि में समतलीकरण के दौरान मंदिर के अवशेष मिले हैं। जेसीबी से हो रही खुदाई में मंदिर के  मूर्ति युक्त पाषाण के खंभे, प्राचीन कुंआ मंदिर के चौखट है।
     श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव एवं विश्व हिन्दू परिषद  के उपाध्यक्ष चंपत राय के अनुसार  राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के  जिला मजिस्ट्रेट से अनुमति प्राप्त करने के उपरांत श्रीराम जन्मभूमि परिसर में भावी मंदिर निर्माण के लिए भूमि के समतलीकरण  कार्य प्रारंभ किया गया।  इस कार्य में  जेसीबी मशीन,   ट्रैक्टर व  मजदूर लगे हुए हैं। कोरोना के कारण कार्य मंद गति में चल रहा है। हाईकोर्ट के आदेशों के क्रम में पूर्व में हुई खुदाई प्राप्त पुरावशेषों के अतिरिक्त 11 मई से प्रारंभ समतलीकरण के दौरान काफी संख्या में पुरावशेष देवी देवताओं की खंडित मूर्तियां, पुष्प, कलश, आमलक, दोरजाम्ब आदि कलाकृतियां, मेहराब के पत्थर,  ब्लैक टच स्टोन के स्तंभ,  रेड सैण्ड स्टोन के स्तंभ, 5 फिट आकार की नक्काशी युक्त शिवलिंग की आकृति  प्राप्त हुई है। समतलीकरण का कार्य भी प्रगति पर है। कोरोना महामारी के संबंध में  निर्देशों का पालन करते हुए मशीनों का उपयोग  सोशल डिस्टेंसिंग) सैनेटाइजेशन,मास्क आदि अन्य सभी सुरक्षा उपायों का प्रयोग किया गया। अयोध्या में भगवान श्रीराम का मंदिर नहीं, बल्कि रामजन्मभूमि का मंदिर बनने जा रहा है। अयोध्या में भगवान श्रीराम के जन्म स्थल पर कोई नया मंदिर का निर्माण नहीं किया जा रहा है बल्कि पुराने मंदिर का पुनर्निर्माण हो रहा है। 
 अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद रामजन्मभूमि परिसर में ट्रस्ट ने मंदिर निर्माण के लिए समतलीकरण का कार्य शुरू कर दिया है।  अयोध्या में रामकोट  मोहल्ला है,  वर्षों पहले कोई बहुत बड़ा किला रहा होगा। इस क्षेत्र में दर्जनों मंदिर हैं जिसमें दशरथ महल, सीता भवन, कोपभवन, कोहबर भवन, सीता रसोई नाम से मंदिर है। जो कि सभी भगवान श्रीराम के जीवन काल से जुड़े हैं। राम जन्मभूमि के ट्रस्ट गठन इन सबके बीच 0.3 एकड़ की एक भूमि हैं, जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया है। इसमें सरकार को ट्रस्ट बनाने का निर्देश हुआ और पांच फरवरी,2020 को सरकार ने रामजन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का गठन किया।  जिसके देखरेख में मंदिर निर्माण का कार्य किया जाएगा और आशा है कि बहुत जल्द आम जनमानस की भावनाओं की पूर्ति होगी।

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