यूपी में निगरानी के बावजूद बढ़ रहा कोविड-19 संक्रमित कूड़े से खतरा - Ideal India News

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यूपी में निगरानी के बावजूद बढ़ रहा कोविड-19 संक्रमित कूड़े से खतरा

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Dr. Shahank Shekhar Mishra
लखनऊ, 
कोविड-19 का अस्पताली कचरा भी संक्रमण के लिहाज से बेहद खतरनाक साबित हो सकता है ।यही वजह है कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जहां इसकी सख्त निगरानी की जा रही है । वहीं दूसरी ओर अस्पताली कचरे का निस्तारण करने वाली कंपनियां भी अपनी ओर से काफी एहतियात बरत रही हैं । लेकिन बीते दिनों जिस तरह राजधानी में अलग-अलग अस्पतालों में अचानक कोविड-19 पॉजिटिव मरीज होने का खुलासा हुआ खतरा और बढ़ गया है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) द्वारा कोविड-19 बायोमेडिकल वेस्ट के निस्तारण के लिए गाइडलाइन जारी की गई है । आशय यह है कि कोविड-19 से संक्रमित कचरा भी बहुत खतरनाक साबित हो सकता है । राजस्थानी में हर रोज 82 सरकारी व लगभग 1100 निजी अस्पताल, ब्लड बैंक, पैथोलॉजी, डेंटल क्लीनिक आदि से अस्पताली कचरा उठाया जाता है। इसके अलावा जिन अस्पतालों में कोविड-19 के मरीज भर्ती है अथवा संदिग्ध मरीजों को क्वॉरेंटाइन व आइसोलेशन में रखा गया है वहां से कोविड-19 संक्रमित कचरे को अलग से उठाया जा रहा है ।जैसे-जैसे संक्रमण के मामले प्रकाश में आ रहे हैं खतरा इस बात का पैदा हो गया है कि जो अस्पताल कोविड-19 के लिए नहीं है वहां संक्रमित मरीज के आने पर खतरा पैदा हो जाता है । कारण यह है कि बायो मेडिकल वेस्ट एकत्र करने वाली कंपनी उन जगह जहां कोविड-19 के मरीज हैं कचरा बिल्कुल अलग से उठाती है। रानी लक्ष्मीबाई अस्पताल व गोमती नगर स्थित एक निजी अस्पताल में अचानक कोविड-19 से संक्रमित मरीजों की पुष्टि होने पर बायो मेडिकल वेस्ट का निस्तारण करने वाली कंपनियों के लिए बड़ी परेशानी खड़ी हो गई है । वजह यह है कि इस बात का किसी को अनुमान भी नहीं था कि वहां कोविड-19 संक्रमित मरीज होगा।

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