तीन दशक बीते, नहीं बन सकी पानी की टंकी - Ideal India News

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तीन दशक बीते, नहीं बन सकी पानी की टंकी

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Amar Bahadur Tripathi 
सुलतानपुर : कई सरकारें आईं और गईं, लेकिन किसी ने क्षेत्रवासियों की पेयजल समस्या के बाबत कोई ठोस कदम नहीं उठाया। हर चुनाव में विकास खंड में पानी की टंकी स्थापित करने का मुद्दा उठता है। जनप्रतिनिधि आश्वासन भी देते हैं, पर चुनाव बाद वादों की कोई सुध नहीं लेता। गर्मी के महीने में लोगों को पेयजल की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। क्षेत्र में लगे अधिकांश हैंडपंप या तो तकनीकी खामियों से ठप हैं या फिर रिबोरिग की दरकार है। सबसे भयावह स्थिति नदी के किनारे बसे गांवों की है। मजबूरी में लोग आज भी नदी का पानी पीने को मजबूर होते है। बाजार की आबादी तकरीबन दस हजार है तो ब्लाक खंड मुख्यालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, स्कूल के साथ-साथ और कई विभागों के कार्यालय भी हैं। हजारों लोगों का भी आवागमन है। गर्मी के मौसम में पानी की समस्या विकराल रूप ले लेती है। पानी का जल स्तर निचले स्तर पर चला जाता है । सभी को शुद्ध पानी के लिए समस्या से दो-चार होना पड़ता है।
-इन गांवों में है समस्या
चंदौर, भड़सर, चंदीपुर, टीकर, जज्जोर, डुबोलिया, बरयौना, माधोपुर, प्रतापपुर, धर्मदासपुर, बहादुरपुर आदि गांव के लगभग बीस हजार लोगों को गर्मी के मौसम में बूंद-बूंद पानी के लिए तरसना पड़ता है। मजबूरी में उन्हें नदी के पानी का सहारा लेना पड़ रहा है।कई बार क्षेत्रवासियों ने पानी टंकी की स्थापना की मांग की लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकला।

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