मध्यम वर्ग पर अगले कुछ दिनों में फैसला लेगी सरकार: सीतारमण - Ideal India News

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मध्यम वर्ग पर अगले कुछ दिनों में फैसला लेगी सरकार: सीतारमण

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नई दिल्ली। कोरोनावायरस की वजह से देश में रोजगार जाने से जिस तरह से समाज का एक बड़ा गरीब वर्ग प्रभावित हो रहा है उसे मदद पहुंचाने के लिए ही सरकार ने उन्हें सबसे पहले मदद देने का फैसला किया है। अभी कोरोनावायरस के व्यापक असर को लेकर सरकार की तरफ से गठित कार्य दल अध्य़यन कर रही है और समय आने पर उसका ऐलान किया जाएगा। हो सकता है उसमें मध्यम वर्ग को मासिक किस्त आदि से राहत देने की बात शामिल हो। यह बात वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना का ऐलान करने के बाद संवाददाताओं के प्रश्न का उत्तर देते हुए कही।सनद रहे कि वित्त मंत्री पिछले चार दिनों में दो बार पैकेज का ऐलान कर चुकी हैं लेकिन अभी तक मध्यम वर्ग के लिए कोई घोषणा नहीं की गई है। जबकि पीएम नरेंद्र मोदी ने पिछले रविवार को जब देश के उद्योगजगत के साथ जब कोरोनावायरस के असर पर विमर्श किया था तब सबसे ज्यादा सुझाव मध्यम वर्ग व उद्योग जगत को राहत देने पर हुई थी। लेकिन केंद्र सरकार ने अब स्पष्ट कर दिया है कि उसका पूरा ध्यान अभी 80 करोड़ उन भारतीयों पर है जो कोरोनावायरस से उपजी स्थिति से सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने स्पष्ट किया कि पीएम नरेंद्र मोदी सरकार का रिकार्ड रहा है कि सबसे पहले वह देश की सबसे गरीब जनता के बारे में सोचती है। और यह सच्चाई भी है कि अभी जो हालात बन रहे हैं उससे सबसे ज्यादा वे लोग प्रभावित हो रहे हैं जो असंगठित क्षेत्र में काम करते हैं, ग्रामीण क्षेत्रों में मजदूरी करते हैं या छोटे छोटे उपक्रमों में दिहाड़ी करते हैं। यही वजह है कि गुरुवार को जिन स्कीमों का ऐलान किया गया है उससे उनकी थाली में रोटी बनी रहे, उनके बैंक खाते में कुछ पैसे रहे, इसका इंतजाम किया जा रहा है। हर गरीब परिवार को पांच किलो चावल या गेहूं और एक किलो दाल हर महीने देने के बारे में उन्होंने कहा कि अभी एक स्कीम के तहत जो अनाज मिल रहा है उसके अतिरिक्त यह होगा। व्यवस्था इस तरह से हो रही है कि एक प्रभावित परिवार को कई तरह से मदद हो जाए। मसलन, अगर कंस्ट्रक्शन सेक्टर में कार्यरत मजदूर है तो एक तो उसे केंद्र सरकार की स्कीम के तहत मुफ्त में तीन महीने तक अनाज मिलेगा, दूसरा उसे राज्य सरकारों की तरफ से विशेष फंड से भी आर्थिक मदद मिलेगी।इसके अलावा कंस्‍ट्रक्‍शन से जुड़े 3.5 करोड़ मजदूरों के लिए 31,000 हजार रुपये के फंड का सदुपयोग किया जाए। इसके लिए राज्‍य सरकारों से कहा जाएगा। कोरोना वायरस से जंग के लिए मेडिकल टेस्‍ट, स्‍क्रीनिंग और अन्‍य जरूरतों के लिए डिस्ट्रिक्‍ट मिनेरल फंड का उपयोग करने की आजादी राज्‍य सरकारों को दी जाएगी। कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए भी इस फंड का उपयोग किया जाएगा। 100 से कम कर्मचारी वाली कंपनी जिसमें 90 फीसद कर्मचारियों का वेतन 15,000 रुपये से कम है, उसके कर्मचारियों के ईपीएफओ खाते में सरकार अगले तीन महीने तक कर्मचारी और कंपनी की तरफ से पैसे डालेगी। सरकार दोनों की तरफ से 12-12 फीसद का योगदान करेगी।

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