21 दिन भारत को लॉकडाउन करने को मजबूर हुए PM मोदी - Ideal India News

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21 दिन भारत को लॉकडाउन करने को मजबूर हुए PM मोदी

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नई दिल्‍ली। छह दिन पहले जनता कर्फ्यू और अब भारत में 21 दिनों का लॉकडाउन मतलब सबकुछ बंद। छह दिन में दूसरी बार प्रधानमंत्री मोदी ने देश की जनता को संबोधित कर 21 दिनों के लॉकडाउन का ऐलान किया।अब हम आपको बताते हैं 21 दिन लॉकडाउन के पीछे का लॉजिक, जिसका खुद मेडिकल एक्सपर्ट्स ने समर्थन किया है। मेडिकल एक्सपर्ट्स मनाते हैं कि कोरोना वायरस 14 दिन तक एक्टिव रहता है जबकि, सात दिन के अंदर मरीज में कोरोना संक्रमण के लक्षण दिखने शुरू हो जाते हैं। इस लिहाज से सात दिन में पता चल जायेगा कि कौन-कौन कोरोना वायरस से संक्रमित है और कौन-कौन नहीं? अगर किसी में भी कोरोना संक्रमण के लक्षण दिख जायेंगे तो उसे और संपर्क में आने वालों को तुरंत इलाज के लिए आइसोलेशन में रखा जायेगा। अगर सभी घर के अंदर होंगे तो पीड़ित बाहर किसी को संक्रमित नहीं कर पाएगा, उसका इलाज और उसके परिवार को क्‍वारंटाइन करना आसान होगा।पीएम मोदी ने साफ-साफ कहा है कि इन 21 दिनों तक इस देश में कोई भी अपने घर से बाहर कदम नहीं रखेगा। आने वाले 21 दिनों के अंदर हम नहीं संभल सके तो भारत 21 वर्ष पीछे चला जाएगा और इसमें कई परिवार इस वायरस की भेंट चढ़ जाएंगे। 21 दिनों तक घर में रहकर हम देश के साथ ही खुद को सुरक्षित रख सकते हैं। आखिर 21 दिन में ऐसा क्‍या हो जाएगा? 21 दिन तक पूरे भारत को लॉकडाउन lockdown करने का फैसला लेने के लिए क्‍यों मजबूर हुए प्रधानमंत्री मोदी? इसके पीछे भी एक लॉजिक है।गौरतलब है कि भारत में कोरोना संक्रमितों की संख्‍या 582 हो गई है। लिहाजा ये संख्‍या और न बढ़े ये काफी कुछ हम पर निर्भर करता है। पीएम मोदी अपने संबोधन में साफ कर दिया है कि इन 21 दिनों में यदि हम सफल हुए तो खुद को अपने परिवार को और अपने समाज को बचा लेंगे और यदि असफल रहे तो कई परिवारों को खो भी देंगे। हम सभी को संयम बरतना होगा कि चाहे कुछ भी हो जाए हम अपने घर की लक्ष्‍मण रेखा को ना लांघे।

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