राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट गठित, सामने आया पहले सदस्‍य का नाम, दिल्ली के ग्रेटर कैलाश में होगा ऑफ‍िस - Ideal India News

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राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट गठित, सामने आया पहले सदस्‍य का नाम, दिल्ली के ग्रेटर कैलाश में होगा ऑफ‍िस

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नई दिल्‍ली केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने राम मंदिर के निर्माण के लिए ट्रस्‍ट की स्थापना से संबंधित गजट नोटिफ‍िकेशन जारी कर दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को बताया कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के तहत ट्रस्ट का गठन किया गया है। इसका नाम श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र होगा। समाचार एजेंसी पीटीआइ ने केंद्रीय गृह मंत्रालय के हवाले से बताया है कि नव गठित ट्रस्ट का कार्यालय दिल्ली के ग्रेटर कैलाश में होगा। यानी अयोध्या से लगभग 700 किलोमीटर दूर दिल्ली में बैठकर राम मंदिर निर्माण से जुड़े फैसले लिए जाएंगे। अधिसूचना में कहा गया है कि ट्रस्ट का पंजीकृत कार्यालय- आर-20, ग्रेटर कैलाश पार्ट-एक, नई दिल्ली है। यह भी बताया गया है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत उत्तर प्रदेश सरकार मस्जिद निर्माण के लिए सुन्नी वक्फ बोर्ड को पांच एकड़ भूमि के आवंटन का पत्र जारी कर चुकी है। वहीं जागरण संवाददाता ने बताया कि 15 सदस्‍यीय ट्रस्‍ट में आठ स्थाई और सात नामित सदस्य होंगे। एक सदस्य हमेशा दलित समुदाय से होगा।  इस बीच हमारे लखनऊ संवाददाता ने बताया है कि परिसर के रिसीवर अयोध्या के मंडलायुक्त ने अधिग्रहीत भूमि मंदिर निर्माण के लिए नवगठित ट्रस्ट को सौंप दी है। ट्रस्ट के सदस्यों में राजा अयोध्या बिमलेंद्र मोहन मिश्र भी हैं। मंडलायुक्त ने अपना प्रभार भी ट्रस्ट के प्रतिनिधि के तौर पर राजा अयोध्या बिमलेंद्र मोहन मिश्र को सौंपा है। बता दें कि अभी तक मंडलायुक्त अधिग्रहीत परिसर के कस्टोडियन थे।   इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा को बताया कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आज सुबह ट्रस्ट के गठन को अपनी मंजूरी दी। उन्‍होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के तहत ही सरकार ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के गठन का प्रस्ताव पारित किया है। यह ट्रस्ट अयोध्या में भगवान श्रीराम की तीर्थस्थली पर भव्य और दिव्य राम मंदिर के निर्माण और उससे संबंधित विषयों पर फैसले लेने के लिए पूरी तरह स्‍वतंत्र होगा।  प्रधानमंत्री ने संसद में बताया कि बुधवार की सुबह केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में राम मंदिर को लेकर महत्‍वपूर्ण फैसले लिए गए। हमारी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के मुताबिक, श्रीराम जन्मस्थली पर भव्य मंदिर के निर्माण से जुड़े मसलों के लिए एक विशाल योजना तैयार की है। कानून के तहत 67.07 एकड़ जमीन उक्‍त ट्रस्ट को स्‍थानांतरित कर दी जाएगी जिसमें मुख्‍य भूमि का भीतरी और बाहरी आंगन शामिल है। प्रधानमंत्री ने बताया कि फैसले के तहत रामलला विराजमान की जमीन भी ट्रस्ट को ही दी जाएगी। शीर्ष अदालत के फैसले के तहत सुन्नी वक्फ बोर्ड को अयोध्या में पांच एकड़ जमीन दी जाएगी। केंद्र के इस फैसले पर यूपी सरकार ने भी अपनी मुहर लगा दी है।

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