गरीब व आधी आबादी की बजट में ली गई सुधि - Ideal India News

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गरीब व आधी आबादी की बजट में ली गई सुधि

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Dharmendra Seth and Dr. Manika Rav             
जौनपुर: केंद्रीय बजट को प्रस्तुत करते हुए वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को दृष्टिगत रखते हुए गांव गरीब व महिलाओं के विकास की भरपूर सुधि ली है। इसीके साथ ही इन्फ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ बनाने के लिए भी एक रोडमैप तय किया है। सोलर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए किए गए विशेष प्रयासों का सफल इस जिले के लोगों को भी मिलेगा। इसके साथ ही डिजिटल भारत की अवधारणा को आगे बढ़ाते हुए केंद्र सरकार ने ग्राम पंचायतों को इंटरनेट सुविधा से लैस करने की जो घोषणा की गई है उससे इस जिले के सभी गांवों को लाभ मिलना तय है। आजादी के सात दशक बाद भी शुद्ध पेयजल की किल्लत न केवल बरकरार है बल्कि पर्यावरण प्रदूषण की मार के चलते हाल के दिनों में तेज रफ्तार से बढ़ चली है। इस पर प्रभावी रोक लगाते हुए हर घर के लिए शुद्ध जल का संकल्प प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जताया था। उस संकल्प को आगे बढ़ाते हुए इस बजट में केंद्रीय वित्त मंत्री ने पर्याप्त धन का इंतजाम कर इस जिले के लोगों को भी आने वाले दिनों में शुद्ध पेयजल मुहैया होने की उम्मीदों को परवान चढ़ाया है। किसानों की आय दोगुनी करने के लिए घोषणा के मुताबिक पर्याप्त प्रबंध के साथ ही धन की व्यवस्था किए जाने से गरीब किसानों में अच्छे दिन आने की उम्मीदें जग उठी हैं। प्रधानमंत्री कुसुम योजना के तहत बिजली से वंचित गरीब लोगों को सौगात देने की जो घोषणा की गई है उससे यह संभावना बलवती हो उठी है कि इस जिले में भी सभी गरीबों के घर आने वाले दिनों में शीघ्र ही बिजली की रोशनी से रोशन हो जाएंगे। केंद्रीय बजट में किस सेक्टर को क्या मिला इसके अलावा अपने जिले को क्या मिला इस पर लोगों की खास नजर रही। सम्प्रति यही वजह थी कि बजट की समझ रखने वालों के साथ ही सामान्य तबके से जुड़े लोग भी बजट प्रस्तुत किए जाते समय अपने-अपने टीवी सेटों के आगे डटे रहे। जो घर से दूर थे वे अपने स्मार्ट मोबाइल फोन पर बजट की बारीकियों को समझने में उलझे रहे। हालांकि इस बजट में वेतनभोगी तबकों को कोई खास राहत नहीं दिया गया। माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष संतोष कुमार सिंह व प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अरविद कुमार शुक्ल ने नाखुशी जताते हुए कहा कि इस महंगाई के दौर में टैक्स स्लैब को कम से कम दस लाख तक कर मुक्त किए जाने की सरकार से अपेक्षा थी लेकिन वह पूरी नहीं हो सकी। इन शिक्षक नेताओं ने कहा कि बजट भाषण में सशर्त कर राहत की बात भी गले नहीं उतर रही है। हालांकि केंद्रीय स्तर पर भर्तियों की व्यवस्था किए जाने को अच्छा कदम बताया। जिले से काफी अर्से पुरानी मुंबई के लिए सीधी रेल सेवा, रेल वाशिग पिट की व्यवस्था, केंद्रीय विद्यालय की स्थापना की मांग भी इस बजट से भी पूरी नहीं हो सकी। इसके अलावा मछलीशहर में रेल सुविधा मुहैया कराए जाने के दावों वादों की भी फिलहाल इस बजट में हवा निकलती नजर आई।

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