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बदलते मौसम में सांस के रोगी अपनी सेहत का ऐसे रखें ख्‍याल, पढ़े एक्सपर्ट की राय

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नई दिल्‍ली । सर्दियों के इस बदलते मौसम में बढे़ हुए वायु प्रदूषण के अतिरिक्त इस ऋतु में जीवाणु एवं वायरस भी अधिक मात्रा में सक्रिय हो जाते हैं। इसलिए मौजूदा मौसम में दमा, क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (सीओपीडी), टीओपीडी यानी टीबी एसोसिएटेड पल्मोनरी डिजीज) और आईएलडी (इंटरस्टीसियल लंग डिजीजेज) जैसे रोगों की समस्या बढ़ जाती है। यही नहीं इस दौरान दमा और निमोनिया का खतरा भी बढ़ जाता है। ऐसे लोगों को सांस फूलने, बलगम बढ़ने या बुखार आने पर डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए। जानें क्‍या कहते है लखनऊ के प्रमुख रेस्पिरेट्री मेडिसिन विभाग, किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के डॉ. सूर्यकांत त्रिपाठी। बसंत पंचमी के बाद बदलते मौसम में तापमान में परिवर्तन तेजी से होता है। नए-नए फूल खिलते हैं। इस कारण कई तरह के परागकण वातावरण में आने लगते हैं। ऐसे में फेफडे़ का कार्य बुरी तरह प्रभावित हो जाता है। इस दौरान सांस के रोगी खासकर दमा के रोगी तो प्रभावित होते ही हैं स्वस्थ व्यक्तियों के लिए भी चुनौतियां बढ़ जाती हैं। अब मौसम भी अंगड़ाई लेने लगा है। धीरे-धीरे तापमान बढ़ रहा है। इस कारण इस बदलते मौसम में सांस रोगियों को सजगता बरतने की जरूरत है। बदलते मौसम में कुछ बातों का ध्यान रखकर सांस रोगी स्वस्थ रह सकते हैं। इन बातों पर दें ध्यान
  • गर्भवती महिलाओं में भी फेफड़े की कार्यक्षमता कम हो जाती है। इसलिए उन्हें भी इस मौसम में विशेष ध्यान रखना चाहिए।
  • सांस के रोगी डॉक्टर से मिलकर अपने इनहेलर की डोज सुनिश्चित करवा लें। डॉक्टर के परामर्श के अनुसार नियमित रूप से इनहेलर का प्रयोग करें।
  • 30 वर्ष की उम्र के बाद फेफड़ों के कार्य करने की क्षमता धीरे-धीरे घटने लगती है। इसलिए उम्रदराज एवं बुजुर्ग व्यक्तियों को भी विशेष बचाव करना चाहिए।
  • फेफड़े का संपूर्ण विकास एवं परिपक्वता बारह वर्ष की उम्र में आती है। इसलिए बारह वर्ष के कम उम्र के बच्चों में फेफड़ों के कमजोर होने के कारण इस मौसम में सर्दी से विशेष बचाव करना चाहिए।
  • इस मौसम में ऐसे रोगी जो डायबिटीज, हृदय रोग, किडनी संबंधी समस्या, लिवर संबंधी समस्या, कैंसर और अन्य पुराने रोगों से पीड़ित हैं, उन्हें भी निमोनिया तथा फेफड़ों के अन्य संक्रमणों का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए ऐसे लोगों को भी इस बदलते मौसम में ध्यान रखना चाहिए।

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